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KUNWAR SHYAM

कुँवर श्याम


नटखट श्याम

अनुक्रमणिका (नटखट श्याम - पृष्ठ )

क्रम संख्या

रचना

राग

ताल

पृष्ठ

Audio Sample

1

पनियां भरन कैसे जाऊं दई री

पीलू

बरवा

5

2

लंगरार्इ अब छांड़ो मोहन मोसे

सुधरर्इ कान्हड़ा

त्रिताल

5

3

अब मैं कैसे निकसूं मगवा, घट फोड़ देत नटखट, ठाड़ो ही रहत नित प्रति पनघट

पूरिया

त्रिताल

5

4

निपट निडर दधि की मटकी पटकी, बीच डगर कर पकर मोर

परज

त्रिताल

5

5

पनियां भरन कैसे जाऊं

पीलू

त्रिताल

5

6

छीन लर्इ गारी दर्इ, बीच डगर मग रोकत, देखो दधि की मटकी मोरी

तिलक कामोद

त्रितंल

5

7

किन लर्इ, किन लर्इ वीर, मेरी इंडवी, मैं अब ही पनघट धरी

तिलक कामोद

त्रिताल

5

8

कर न गहो, कर न गहो, रे कर न गहो जू न डरत नन्द लाल बाल

शोरठ मल्हार

 

5

9

बरज रही, बरज रही री तोहे बरज रही रे, जिन मग अटक

सोरठ मल्हार

दादरा

5

10

मोरी कलार्इ डगर चलत मुरकार्इ

हम्मीर

आड़ा चौताला

5

11

हटो जिन बिहारी मेरा कर पकरो

सिंध काफी

आड़ा चौताला

5

12

संग न सहेली, जान अकेली, मोहि मग घेरी ए सांवरिया

काफी

त्रिताल

5

13

अचरा पकर लेत, झगरो करत नित, डरत न काहू के डर, कैसे जल भरिए

जय जयवन्ती

झपताल

5

Audio

14

जारे जारे हट जिनकर रे लंगर मैं तो तोहि जानूं

भैरवी

त्रिताल

5

15

मेरी नर्इ चुरियां करकार्इ बीच डगर ढीठ लंगर, मैं आवत गागर सिरधर बैयां झटक

छाया

त्रिताल

5

16

मेरी गैल गैल लागो छैल डोले री, न माने मेरी कुच मसकत

सोहनी परज

एक ताल

5

17

मोसे मग चलत करत कान्ह झगरो

धानी

त्रिताल

5

18

ले गयो जल भरत इंडवी वो नटखट, कैसे घर जाऊं धर सीस घट नीर को

देसी कान्हड़ा

त्रिताल

5

19

ए मेरी गगरिया जी न छुओ सांवरियां, तोसे बार-बार कहत गर्इ हार

खम्माज

त्रिताल

5

20

गोरस के मिस जो रस चाहत, सो रस जोग न तुम नंदवारे

भूपाली

त्रिताल

5

Audio

21

चल हट जा रे, मोसे काहे मग में करत ढिठार्इ, निपट निडर नटखट

कान्हरा

पंचम सवारी

5

22

लागौ कैसौ दांव री, सजनी मोहन मोहि मग घेरी रे

नट

झपताल

5

23

तेरी री कान्ह, निपट निडर नित मोसे करत बराजोरी

कान्हरा

पंचम सवारी

5

24

कहूं तेरी ढिठार्इ निपट निडर कासे

तिलंग

तिताला

5

25

ए बलि बलि जाऊं तोेरे, ए हो सांवरिया, मग भटकावों

पूरिया

तिताला

5

26

मोसे प्यारे हट रार न कर

काफी

तिताला

5

27

सगरे नगर धूम मची है, एक छोरा ठारो घाटबाट, रोकत टोकत

भूपाली

तिताला

5

28

लागो री कान्ह संग नित डोलै, लाज की मारी न काहू संग कहूं री बात

सोहनी

 

5

29

मोरी कलार्इ जिन छुओ मैं दूंगी गारी, बीच डगर बरजोरी करत अनारी

भैरवी

त्रिताला

5

30

कैसे जाऊं पनघट ए री बैरनियां

माल सिरी

आड़ा चौताला

5

31

मोसे डगर करत छेर काहे को, जाने दे घर लंगर भर्इ जात अबेर

सिंध काफी

तिताल

5

32

कैसी तू मोसे करत छेर बेर बेर, पनघट पै नित मग घेर घेर

वागेश्वरी

तिताला

5

33

देखो मैको  गारी दीनी, कैसी कीनी कन्हार्इ

सिंधु काफी

 

5

34

भरन पनघट आज अकेली,  मैं गर्इ री प्यारी

बागेश्वरी

एकताल

5

35

मोहे छैरा ने गैल जाने दे, तोरी विनती करती हारी

भैरवी

 

5

36

कर सों कर सों पकर मुरकार्इ बहियां मोरी रे

विहाग

तिताला

5

37

मैं कैसे समझाऊ मेरी माने न सांवरिया

काफी

तिताला

5

38

छोरा कारो ननदियां, मैं कैसे जाडं पनियां भरन , मग ठाडो

पट

 

5

39

तोहे न रोकत याहि न टोकत, मोही को छेरत माही

पीलू

दादरा

5

Audio

40

यै कैसो लागो फिरे गोहन, मेरे री मोहन नित मार्इ

जौनपुरी

झपताल

5

41

काहे को सहेली अकेली जात पनघट

सिंध काफी

तिताला

5

42

न जावो री पनिया भरन कोर्इ आज

घनाश्री

तिताला

5

43

नित मोसे झगरो करत मग, कान्ह ठाडो देखो तो

पीलू

आडा

5

44

कौन गांव मैं वास तिहारौ

भीम पलासी

तीन

5

45

सुधरार्इ अब कहा करत लाडले, हंस हंस हम जान लर्इ तोरी ढिठार्इ

माल गौरी

 

5

46

मोरी मटकि पटक कर झटक गयो आज सांवरो

मालकौंस

झप

5

47

आवत कान्ह मोरे घर ठठोरी करन, अब मैं कैसे वाहि बरजोरी आली

भैरवी

 

5

48

मेरी गगरिया नर्इ फोर दर्इ श्याम ने

जै जैबन्ती

तिताल

5

49

ये मोसे तुम कैसो छल कीनो रे

ललित

तिताल

5

50

तोहे गारी दूंगी रे

भैरवी

दादरा

5

51

बरजो री मानै री कान्ह

भैरवी

तिताला

5

52

सखी बाट मैं आज, नन्द लाल मोहि पकर

भोपाली

झपताल

5

53

आज श्याम बाट में चलत, लो मोहि गारी देर्इ

शोरठ

दादरा

5

54

नित मग करत मोसे रार

विभास

झुमरा

5

55

सगरे नगर मै धूम मचार्इ, नंद लाल जसुधा के लाल ने

बिहाग

तिताल

5

56

परे हट परे हट जारे जा जारे जा जारे, नंद के

सुधरर्इ

तिताला

5

57

अंग लिपटत मोरे । डगर चलत नयो भयो

संदूरा

ध्रुपद (सूल की चलन)

5

58

काहे को झगरत मोसे, मगडग चलत देत न डग लंगर

मुलतानी

धम्माल

5